पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट बख्तियारपुर-मोकामा फोरलेन की हालत बेहद खराब होती जा रही है। पटना जिले में इस फोरलेन सड़क के एक किलोमीटर के दायरे में कई जगहों पर साइड स्लोप धंसने और मोटी दरारें पड़ने की शिकायतें सामने आई हैं। इससे मुख्य सड़क पर भी दरारें पड़ गई हैं और कई जगह गड्ढे बन चुके हैं, जिससे आवाजाही में खतरा बना हुआ है।
रानीसराय के पास फोरलेन पुल के एक लेन का निर्माण अभी जारी है, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि इसमें बेहद घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल हो रहा है। लोगों का कहना है कि सड़क इतनी कमजोर हो चुकी है कि एक मोटरसाइकिल गुजरने पर भी स्लोप में दरारें आ जाती हैं।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने कहा है कि यह स्थिति साफ तौर पर निर्माण कंपनी सीएनसी की लापरवाही और भ्रष्टाचार को दर्शाती है। उन्होंने साइड स्लोप की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए आशंका जताई है कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी ने पहले चंदा, महमदपुर और आसपास के कई गांवों को फोरलेन से जोड़ने का वादा किया था, जो अब तक पूरा नहीं हुआ है। इस कारण करीब 10 गांवों के लोगों को रोजमर्रा की आवाजाही में भारी परेशानी हो रही है।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि फोरलेन की वन-वे स्थिति के कारण अब तक 8 से 10 सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का यह जन्म क्षेत्र होने का हवाला देते हुए सड़क निर्माण की गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच की मांग की है।
समस्या को लेकर जब फोरलेन कार्यालय के एसजीएम और इंजीनियरों से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनसे बात नहीं हो सकी। स्थानीय लोग अब इस मुद्दे को लेकर आंदोलन की तैयारी में हैं।